27 जुलाई, 2026 को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US Food and Drug Administration) ने कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) की स्क्रीनिंग के लिए दूसरे ब्लड टेस्ट को मंज़ूरी दी — इसका नाम है SimpleScreen CRC, जिसे Freenome ने विकसित किया है और इस साल पतझड़ से Abbott इसे अमेरिका में बाज़ार में लाएगी। जो लोग कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) या स्टूल किट (Stool Kit) को टालते आ रहे हैं, उनके लिए यह खबर एक आसान रास्ते जैसी लग सकती है — एक साधारण ब्लड ड्रॉ के दौरान लिया जाने वाला कोलन कैंसर ब्लड टेस्ट। लेकिन जो बात सबसे ज़रूरी है, वह यह है कि ऐसा टेस्ट क्या पकड़ता है और क्या नहीं। यह लेख बताता है कि इस मंज़ूरी का दायरा वास्तव में क्या है, नतीजे को कैसे पढ़ा जाता है, और पहले से सुझाए गए विकल्पों के मुकाबले ब्लड टेस्ट की क्या जगह है।
27 जुलाई को FDA ने किसे मंज़ूरी दी
यह मंज़ूरी 45 साल और उससे अधिक उम्र के उन वयस्कों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट को कवर करती है जो औसत जोखिम में हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं, और जिन्हें किसी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ने रेफर किया है। इसका मूल्यांकन एक प्रॉस्पेक्टिव अध्ययन (Prospective Study) में किया गया, जिसमें 200 से अधिक केंद्रों पर 48,000 से ज़्यादा वयस्कों को शामिल किया गया — इन सभी की बाद में स्क्रीनिंग कोलोनोस्कोपी भी हुई, ताकि ब्लड टेस्ट के नतीजे की तुलना कैमरे से मिली जानकारी से की जा सके। लेबल में दो बातें ध्यान देने योग्य हैं। पॉज़िटिव नतीजा कोई निदान (Diagnosis) नहीं है: यह कोलोनोस्कोपी कराने का संकेत है। और यह टेस्ट उन लोगों के लिए स्क्रीनिंग टूल है जिनमें कोई चेतावनी के संकेत नहीं हैं — यह मलाशय से रक्तस्राव (Rectal Bleeding), मल की आदत में लंबे समय तक बदलाव या बिना कारण वज़न घटने जैसे लक्षणों का जवाब नहीं है, जिनके लिए स्क्रीनिंग किट की नहीं बल्कि डॉक्टरी जाँच की ज़रूरत होती है। इस विकल्प पर विचार कर रहे किसी भी व्यक्ति के लिए बेहतर होगा कि पहले यह समझें कि कोलोरेक्टल कैंसर का पता कैसे लगाया और स्टेज किया जाता है, फिर उस संदर्भ में नतीजे को पढ़ें — ठीक उसी तरह जैसे आप किसी भी ब्लड टेस्ट के नतीजे को पढ़ते हैं एक बड़ी तस्वीर के हिस्से के रूप में।
कोलन कैंसर ब्लड टेस्ट कैसे काम करता है
ट्यूमर (Tumour) खून में DNA के छोटे-छोटे टुकड़े छोड़ते हैं। ये टुकड़े कोशिकाओं के अंदर नहीं बल्कि स्वतंत्र रूप से प्रवाहित होते हैं, इसलिए इन्हें सेल-फ्री DNA (Cell-Free DNA) कहा जाता है। इस तरह का स्क्रीनिंग टेस्ट इनमें उन पैटर्न को खोजता है जो यह संकेत देते हैं कि कोलोरेक्टल ट्यूमर मौजूद हो सकता है। यह उन ट्यूमर मार्करों (Tumour Markers) से अलग काम है जिनसे बहुत से लोग लैब रिपोर्ट में पहले से परिचित हैं। सीईए and सीए 19-9 का उपयोग मुख्य रूप से किसी पहले से ज्ञात कैंसर की निगरानी के लिए किया जाता है, न कि किसी स्वस्थ व्यक्ति में कैंसर की तलाश के लिए — और यह अंतर ट्यूमर मार्कर (Tumour Markers)के पूरे परिवार में देखा जाता है। इसी तकनीक का उपयोग मल्टी-कैंसर अर्ली डिटेक्शन टेस्ट (Multi-Cancer Early Detection Tests) में भी होता है, जो हाल ही में चर्चा में रहे हैं — लेकिन एक सिंगल-कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट एक अधिक सीमित और सरल सवाल का जवाब देता है।
यह टेस्ट क्या पकड़ता है, और क्या चूक जाता है
कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) की स्क्रीनिंग दो अलग-अलग काम करती है। यह कैंसर को शुरुआती अवस्था में पकड़ती है, जब इलाज सबसे अच्छा काम करता है, और उन धीरे-धीरे बढ़ने वाले प्री-कैंसरस पॉलिप्स (Precancerous Polyps) को भी पहचानती है जिन्हें कैंसर बनने से पहले ही हटाया जा सकता है। ब्लड टेस्ट पहले काम में दूसरे की तुलना में कहीं बेहतर हैं। वैलिडेशन अध्ययनों में, इस श्रेणी के टेस्ट ने लगभग दस में से आठ कोलोरेक्टल कैंसर के मामले पकड़े, लेकिन उन्नत प्री-कैंसरस घावों (Advanced Precancerous Lesions) में से केवल आठ में से एक को — जिन्हें कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) या एक अच्छा स्टूल टेस्ट पहचान लेता। इसकी स्पेसिफिसिटी (Specificity) लगभग दस में से नौ है, यानी बिना किसी गंभीर समस्या वाले लगभग दस में से एक व्यक्ति को भी पॉजिटिव रिजल्ट मिल सकता है और उसे स्थिति स्पष्ट करने के लिए कोलोनोस्कोपी करानी पड़ सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि टेस्ट बेकार है। इसका सीधा अर्थ यह है कि एक सामान्य ब्लड रिजल्ट आज के कैंसर के बारे में आश्वस्त करता है, लेकिन उस पॉलिप के बारे में बहुत कम जानकारी देता है जो आठ साल बाद समस्या बन सकता है। इसके अलावा, रूटीन पैनल में बिना किसी स्पष्ट कारण के ब्लड काउंट कम आना एक क्लासिक संकेत है जिसके आधार पर डॉक्टर आंत की जांच करते हैं — इसलिए यह जानना उपयोगी है कि एनीमिया (Anemia) की जांच कैसे की जाती है और एक संपूर्ण रक्त गणना क्या दिखा सकता है और क्या नहीं। स्टूल-बेस्ड टेस्ट (Stool-Based Tests) जैसे फेकल कैल्प्रोटेक्टिन (Fecal Calprotectin) अलग-अलग सवालों के जवाब देते हैं, और एक अकेली असामान्य वैल्यू (Out-of-Range Value) कोई अंतिम निर्णय नहीं, बल्कि आगे जांच करने का संकेत है।
नवीनतम विज्ञान क्या बताता है
हाल के शोध की तीन धाराएँ बताती हैं कि विशेषज्ञ एक साथ उत्साहित और सतर्क क्यों हैं। पहली बात, इस परीक्षण (Test) का नैदानिक सत्यापन (Clinical Validation), जो 2025 में JAMA में प्रकाशित हुआ, उपरोक्त पैटर्न की पुष्टि करता है: पहले से मौजूद कैंसर (Cancer) का ठोस पता लगाना, और उन्नत प्री-कैंसरस (Precancerous) वृद्धि के साथ वास्तविक संघर्ष। इस प्रकार का पहला स्वीकृत रक्त परीक्षण (Blood Test), जिसे 2024 में New England Journal of Medicine में सत्यापित किया गया, उसी तरह व्यवहार करता था। दूसरी बात, एक बड़े जर्मन स्क्रीनिंग (Screening) समूह से 2025 की तुलना ने एक रक्त परीक्षण (Blood Test) को पूरे यूरोप में उपयोग किए जाने वाले स्टूल इम्यूनोकेमिकल टेस्ट (Stool Immunochemical Test) के साथ आमने-सामने रखा, और प्री-कैंसरस (Precancerous) घावों का पता लगाने में स्टूल टेस्ट (Stool Test) स्पष्ट रूप से आगे रहा। 2024 के एक मॉडलिंग अध्ययन (Modelling Study) ने उस निष्कर्ष का व्यावहारिक संस्करण निकाला: रक्त परीक्षण (Blood Test) स्टूल स्क्रीनिंग (Stool Screening) से तभी मेल खाता है जब वह काफी अधिक लोगों को स्क्रीनिंग (Screening) कराने के लिए प्रेरित करे। तीसरी बात, यही वह करता भी प्रतीत होता है। 2024 में प्रकाशित एक रैंडमाइज़्ड ट्रायल (Randomised Trial) में, जिन वयस्कों ने पहले ही स्टूल किट (Stool Kit) लेने से मना कर दिया था, उन्हें इसके बजाय रक्त परीक्षण (Blood Test) की पेशकश की गई, और जो लोग अंततः स्क्रीन हुए उनकी संख्या लगभग दोगुनी हो गई। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (American Cancer Society) ने अपने 2026 के दिशानिर्देश अपडेट में इन सभी बातों को तौला और एक समझदारी भरे निष्कर्ष पर पहुँची: रक्त परीक्षण (Blood Test) की सिफारिश की जाती है, लेकिन यह कोई पसंदीदा विकल्प नहीं है, और यह उन लोगों के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है जो बेहतर काम करने वाले परीक्षणों को मना कर देते हैं या कभी पूरा नहीं करते। इससे आपके लिए क्या बदलता है, यह सरल है। सबसे अच्छा स्क्रीनिंग परीक्षण (Screening Test) वही है जो आप वास्तव में करवाएँगे, और जब ईमानदार विकल्प कुछ न करना हो, तो रक्त परीक्षण (Blood Test) एक वास्तविक विकल्प है।
बिना घबराए कोलन कैंसर (Colon Cancer) के रक्त परीक्षण (Blood Test) के परिणाम को समझें
स्क्रीनिंग (Screening) का परिणाम एक संकेत है, निदान (Diagnosis) नहीं। नीचे दी गई तालिका इसे शांतिपूर्वक समझने का एक तरीका प्रस्तुत करती है।
| आपकी स्थिति | इसका क्या मतलब हो सकता है | एक उचित कदम |
|---|---|---|
| एक पॉज़िटिव (Positive) स्क्रीनिंग रक्त परीक्षण (Screening Blood Test) | अधिकांश पॉज़िटिव (Positive) परिणाम कैंसर (Cancer) नहीं निकलते, लेकिन इस संकेत की जाँच ज़रूरी है | जल्द से जल्द, आदर्श रूप से छह महीने के भीतर, कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) बुक करें |
| नेगेटिव (Negative) परिणाम, और आप स्क्रीनिंग (Screening) के लिए तैयार हैं | आज के कैंसर (Cancer) के लिए आश्वस्त करने वाला, प्री-कैंसरस पॉलिप्स (Precancerous Polyps) के लिए कमज़ोर | अनुशंसित अंतराल का पालन करें और अपने डॉक्टर के साथ विकल्पों पर फिर से विचार करें |
| रक्तस्राव या मल त्याग की आदत में लंबे समय तक बदलाव जैसे लक्षण | यह अब स्क्रीनिंग (Screening) की स्थिति नहीं है | स्क्रीनिंग टेस्ट (Screening Test) करवाने के बजाय मूल्यांकन के लिए किसी चिकित्सक से मिलें |
| पारिवारिक इतिहास, इन्फ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ (Inflammatory Bowel Disease) या पहले के पॉलिप्स (Polyps) | आपका जोखिम औसत से अधिक है, इसलिए स्क्रीनिंग (Screening) के नियम अलग हैं | अपने इतिहास के अनुसार तैयार की गई कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) शेड्यूल के बारे में पूछें |
यह परीक्षण (Test) वास्तव में किसके लिए है
सबसे स्पष्ट उम्मीदवार वह व्यक्ति है जिसकी उम्र 45 वर्ष या उससे अधिक हो, जिसे औसत जोखिम हो, कोई लक्षण न हों, और जिसे कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) या स्टूल किट (Stool Kit) की पेशकश की गई हो, लेकिन उसने बार-बार दोनों में से कोई भी नहीं कराया हो। ऐसे व्यक्ति के लिए, एक नियमित अपॉइंटमेंट पर रक्त परीक्षण (Blood Test) एक सैद्धांतिक स्क्रीनिंग योजना को वास्तविक रूप में बदल देता है। सबसे स्पष्ट रूप से अनुपयुक्त उम्मीदवार वे लोग हैं जिनमें लक्षण हैं, जो पहले से औसत से अधिक जोखिम में हैं, और जो कोलोनोस्कोपी कराने या स्टूल टेस्ट (Stool Test) पूरा करने के लिए तैयार हैं — क्योंकि ये परीक्षण प्री-कैंसरस ग्रोथ (Precancerous Growth) को कहीं अधिक विश्वसनीय रूप से पकड़ते हैं। चाहे जो भी तरीका चुना जाए, एक नियम सभी पर लागू होता है: किसी भी ऐसे परीक्षण में पॉज़िटिव परिणाम जो कोलोनोस्कोपी नहीं है, तभी स्क्रीनिंग मानी जाएगी जब उसके बाद की कोलोनोस्कोपी वास्तव में हो। व्यावहारिक रूप से, बीमा कवरेज भी इस निर्णय को प्रभावित करेगा, क्योंकि इस परीक्षण की मंज़ूरी का अर्थ है कि यह रक्त-आधारित कोलोरेक्टल स्क्रीनिंग (Blood-Based Colorectal Screening) के लिए Medicare के मानदंडों को पूरा करता है, और इसकी उपलब्धता शरद ऋतु से और व्यापक होने की उम्मीद है।
शब्दकोष
- सेल-फ्री डीएनए (Cell-Free DNA): रक्त में स्वतंत्र रूप से घूमते डीएनए के छोटे टुकड़े, जिनमें से कुछ किसी ट्यूमर (Tumour) से आते हैं।
- एडवांस्ड प्री-कैंसरस लेज़न (Advanced Precancerous Lesion): एक बड़ा या अन्यथा चिंताजनक पॉलिप (Polyp), जिसके यदि यथास्थान छोड़ दिए जाने पर कैंसर बनने की सार्थक संभावना होती है।
- संवेदनशीलता (Sensitivity): एक परीक्षण कितनी बार उन लोगों को सही तरीके से चिह्नित करता है जिन्हें वास्तव में वह स्थिति है।
- विशिष्टता (Specificity): एक परीक्षण कितनी बार उन लोगों में सही तरीके से नेगेटिव रहता है जिन्हें वह स्थिति नहीं है।
- फेकल इम्यूनोकेमिकल टेस्ट (Fecal Immunochemical Test): एक स्टूल टेस्ट जो छिपे हुए रक्त का पता लगाता है और अधिकांश संगठित स्क्रीनिंग कार्यक्रमों की रीढ़ के रूप में उपयोग किया जाता है।
- औसत जोखिम (Average Risk): कोई लक्षण नहीं, कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) या एडवांस्ड पॉलिप्स (Advanced Polyps) का कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक इतिहास नहीं, और कोई इन्फ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ (Inflammatory Bowel Disease) नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
क्या कोलन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए ब्लड टेस्ट कोलोनोस्कोपी की जगह ले सकता है?
पसंदीदा विकल्प के रूप में नहीं। ब्लड टेस्ट अधिकांश मौजूदा कैंसर का पता लगा लेता है, लेकिन अधिकांश एडवांस्ड प्री-कैंसरस पॉलिप्स (Advanced Precancerous Polyps) को चूक जाता है — और यही वह जगह है जहाँ कोलोनोस्कोपी और स्टूल टेस्ट केवल कैंसर का पता लगाने के बजाय उसे रोकते हैं। वर्तमान दिशानिर्देश ब्लड टेस्ट को उन लोगों के लिए एक विकल्प के रूप में रखते हैं जो पसंदीदा परीक्षण नहीं कराएंगे, और पॉज़िटिव परिणाम आने पर भी कोलोनोस्कोपी ज़रूरी होती है।
कोलन कैंसर ब्लड टेस्ट कितना सटीक है?
मंज़ूरी के लिए उपयोग किए गए अध्ययनों में, इस श्रेणी के परीक्षण ने लगभग दस में से आठ कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) का पता लगाया और एडवांस्ड बीमारी के बिना लगभग दस में से नौ लोगों में नेगेटिव रहा। इसकी कमज़ोरी एडवांस्ड प्री-कैंसरस लेज़न (Advanced Precancerous Lesion) में है, जहाँ यह केवल लगभग आठ में से एक को ही पकड़ पाता है। इसलिए सटीकता पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आप इससे स्क्रीनिंग के दो कामों में से कौन सा काम करवाना चाहते हैं।
नया स्वीकृत परीक्षण कौन करा सकता है, और कब?
यह 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन वयस्कों के लिए संकेतित है जो औसत जोखिम पर हैं और जिन्हें किसी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा रेफर किया गया है। अमेरिका में इसके व्यावसायीकरण की उम्मीद 2026 की शरद ऋतु से है। यह उन लोगों के लिए नहीं है जिनमें लक्षण हैं या जो पारिवारिक इतिहास, इन्फ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ (Inflammatory Bowel Disease) या पहले से मौजूद पॉलीप्स (Polyps) के कारण अधिक जोखिम में हैं।
अगर ब्लड टेस्ट (Blood Test) का परिणाम पॉज़िटिव (Positive) आए तो क्या होता है?
अगला कदम कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) है, जो अधिमानतः छह महीने के भीतर करानी चाहिए। अधिकांश पॉज़िटिव स्क्रीनिंग परिणाम कैंसर नहीं निकलते, इसलिए पॉज़िटिव परिणाम को निदान (Diagnosis) मानने की बजाय इस प्रक्रिया को पूरा करने का कारण समझना बेहतर है। कोलोनोस्कोपी न कराने से स्क्रीनिंग अधूरी रह जाती है और इसका अधिकांश लाभ समाप्त हो जाता है।
सूत्रों का कहना है
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- Newitt P. FDA approves 2nd blood-based CRC screening test. Becker’s ASC, July 27, 2026. beckersasc.com
अग्रिम पठन
- कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer): लक्षण, स्क्रीनिंग और उपचार
- CEA ब्लड टेस्ट: अपने परिणाम कैसे पढ़ें
- मल्टी-कैंसर अर्ली डिटेक्शन टेस्ट (Multi-Cancer Early Detection Test): ट्रायल में क्या सामने आया
- रक्त परीक्षण के परिणाम कैसे पढ़ें: एक सरल मार्गदर्शिका
- एनीमिया (Anemia): लक्षण, कारण और टेस्ट
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स्क्रीनिंग रिपोर्ट (Screening Report) का सामना करना तब आसान हो जाता है जब हर पंक्ति को सरल भाषा में समझाया जाए। AI DiagMe आपको यह समझने में मदद करता है कि CEA, CA 19-9 या कम्पलीट ब्लड काउंट (Complete Blood Count) जैसे मार्कर (Marker) मिलकर क्या संकेत देते हैं — ताकि आप अपने परिणामों को एक डरावनी अकेली लाइन की बजाय एक पूरी तस्वीर के रूप में पढ़ सकें, और सही सवाल लेकर अपने डॉक्टर के पास जाएं। यह आपको अपने परिणाम समझने और अपनी अपॉइंटमेंट (Appointment) की तैयारी करने में सहायता करता है; यह कोई निदान (Diagnosis) नहीं करता और आपके डॉक्टर की जगह नहीं लेता। कुछ ही मिनटों में स्पष्ट व्याख्या पाएं.



