ग्लूकोमा (Glaucoma) क्या है? लक्षण, कारण और जाँच के तरीके

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ग्लूकोमा (Glaucoma) क्या है? लक्षण, कारण और जाँच के तरीके
चिकित्सकीय समीक्षाकर्ता: Julien Priour

⚕️ यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने परिणामों की व्याख्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श लें।.

ग्लूकोमा (Glaucoma) क्या है? ग्लूकोमा आँखों की बीमारियों का एक समूह है जो ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाता है — यही वह नस है जो आँख से मस्तिष्क तक छवियाँ पहुँचाती है। यह अपरिवर्तनीय अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है, फिर भी इससे पीड़ित लगभग आधे लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती, क्योंकि इसका सबसे सामान्य रूप इतनी धीरे-धीरे नज़र छीनता है कि शुरुआत में कोई चेतावनी के संकेत नहीं मिलते। यह लेख बताता है कि ग्लूकोमा क्या है, इसके मुख्य प्रकार कौन से हैं, किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए, किसे सबसे ज़्यादा खतरा है और इसे पकड़ने के लिए कौन सी आँखों की जाँचें की जाती हैं। आपको एक जाँच तालिका, शब्दावली और लोगों द्वारा सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी मिलेंगे।

ग्लूकोमा (Glaucoma) आखिर है क्या?

ग्लूकोमा (Glaucoma) तब विकसित होता है जब ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) क्षतिग्रस्त हो जाती है — अक्सर इसलिए क्योंकि आँख के अंदर का दबाव उस स्तर से अधिक हो जाता है जिसे नर्व सहन कर सके। आँख के अगले हिस्से में एक्वियस ह्यूमर (Aqueous Humor) नामक एक पारदर्शी तरल पदार्थ सामान्य रूप से बहता रहता है और बाहर निकलता रहता है। जब यह निकासी तंत्र ठीक से काम नहीं करता, तो तरल पदार्थ जमा होने लगता है और आँख का आंतरिक दबाव — जिसे इंट्राऑक्युलर प्रेशर (Intraocular Pressure) कहते हैं — बढ़ जाता है। समय के साथ यह दबाव नर्व के नाजुक तंतुओं को नुकसान पहुँचाता है, जिससे अंधे धब्बे (Blind Spots) बनने लगते हैं, जो आमतौर पर पहले साइड विज़न (Side Vision) यानी बगल की दृष्टि में दिखाई देते हैं।

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्लूकोमा तब भी हो सकता है जब आँख का दबाव सामान्य सीमा में हो — इसलिए दबाव एक बड़ा संकेत ज़रूर है, लेकिन पूरी कहानी नहीं। चूँकि एक बार हुई क्षति को ठीक नहीं किया जा सकता, इसलिए इलाज का लक्ष्य यही है कि बीमारी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और इसे और बढ़ने से रोका जाए।

ग्लूकोमा के मुख्य प्रकार

ग्लूकोमा के कई रूप होते हैं, और इनका व्यवहार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होता है।

  • ओपन-एंगल ग्लूकोमा (Open-Angle Glaucoma): यह अब तक का सबसे सामान्य प्रकार है। निकासी का कोण खुला रहता है लेकिन ठीक से काम नहीं करता, जिससे दबाव वर्षों में धीरे-धीरे और बिना किसी लक्षण के बढ़ता रहता है।
  • एंगल-क्लोज़र ग्लूकोमा (Angle-Closure Glaucoma): निकासी का कोण बंद हो जाता है, कभी-कभी अचानक। इसका तीव्र दौरा (Acute Attack) एक मेडिकल इमरजेंसी होती है।
  • नॉर्मल-टेंशन ग्लूकोमा (Normal-Tension Glaucoma): इसमें आँख का दबाव सामान्य होने के बावजूद ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुँचता है। नर्व तक रक्त प्रवाह कम होना इसमें भूमिका निभा सकता है, यही कारण है कि इसे कुछ अन्य स्थितियों से जोड़ा गया है, जिनमें शामिल हैं माइग्रेन.
  • जन्मजात ग्लूकोमा (Congenital Glaucoma): यह एक दुर्लभ रूप है जो जन्म के समय या उसके तुरंत बाद मौजूद होता है। यह विकासशील आँख में निकासी की समस्या के कारण होता है।

लक्षण: दृष्टि का मूक चोर

ओपन-एंगल ग्लूकोमा को इसका उपनाम इसीलिए मिला है क्योंकि शुरुआत में इसका कोई लक्षण नहीं होता। दृष्टि हानि आपकी नज़र के किनारों से — नाक की तरफ से — शुरू होती है और इतनी धीरे-धीरे बढ़ती है कि दिमाग उन खाली जगहों को खुद भर लेता है। बहुत से लोगों को तब तक पता नहीं चलता जब तक साइड विज़न का एक बड़ा हिस्सा पहले ही जा नहीं चुका होता।

एक्यूट एंगल-क्लोज़र ग्लूकोमा (Acute Angle-Closure Glaucoma) इसके बिल्कुल विपरीत है: यह तेज़ी से और गंभीर रूप से आ सकता है। इसके दौरे के चेतावनी संकेतों में शामिल हैं:

  • आँख में तेज़ दर्द और तेज़ सिरदर्द
  • मतली (Nausea) या उल्टी होना
  • धुंधली दृष्टि और रोशनी के चारों ओर रंगीन छल्ले (Halos) दिखना
  • आँख का लाल हो जाना

इन लक्षणों के लिए उसी दिन डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है। अगर आपको अचानक दृष्टि में काले धब्बे के साथ-साथ आँख में दर्द भी हो, तो इसे इमरजेंसी मानें और तुरंत किसी आँख के डॉक्टर या इमरजेंसी रूम में जाएँ।

ग्लूकोमा के कारण और जोखिम में कौन है

वैज्ञानिक अभी तक पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं कि सबसे सामान्य प्रकारों को क्या शुरू करता है, लेकिन आँख का बढ़ा हुआ दबाव और ऑप्टिक नर्व तक रक्त आपूर्ति में कमी इसके केंद्र में हैं। कई कारक स्पष्ट रूप से इसके खतरे को बढ़ाते हैं। CDCके अनुसार, लगभग 30 लाख अमेरिकियों को ग्लूकोमा है, और कुछ समूहों में इसका जोखिम काफी अधिक होता है:

  • उम्र: 60 वर्ष के बाद जोखिम बढ़ता है, और कुछ समूहों में इससे पहले भी
  • नस्ल: अश्वेत अमेरिकियों में ग्लूकोमा (Glaucoma) विकसित होने की संभावना 6 से 8 गुना अधिक होती है, और 40 वर्ष की आयु के बाद यह जोखिम और बढ़ जाता है
  • पारिवारिक इतिहास: ग्लूकोमा परिवारों में चलता है
  • मधुमेह (Diabetes): इस बीमारी से पीड़ित लोगों में ग्लूकोमा होने की संभावना लगभग दोगुनी होती है
  • अन्य कारक: आँखों में बहुत अधिक दबाव, पतली कॉर्निया (Cornea), गंभीर निकट दृष्टिदोष (Nearsightedness), आँख में चोट और लंबे समय तक स्टेरॉयड (Steroid) का उपयोग

चूँकि यह बीमारी और इसके कई जोखिम कारक बिना किसी लक्षण के होते हैं, इसलिए नियमित आँखों की जाँच ही ग्लूकोमा को जल्दी पकड़ने का एकमात्र भरोसेमंद तरीका है। वही स्वस्थ आदतें जो आपकी आँखों की रक्षा करती हैं, आपको मधुमेह को नियंत्रित रखने और उच्च रक्तचाप को काबू में रखने में भी मदद करती हैं।

ग्लूकोमा का निदान कैसे होता है

ग्लूकोमा के लिए कोई एक अकेला परीक्षण नहीं होता। इसके बजाय, एक नेत्र चिकित्सक (Eye Doctor) एक व्यापक डाइलेटेड आई एग्जाम (Dilated Eye Exam) के दौरान कई त्वरित और दर्दरहित जाँचें एक साथ करता है। नीचे दी गई तालिका बताती है कि हर जाँच में क्या देखा जाता है।

आँख की जाँचयह क्या जांचता हैक्या होता है
टोनोमेट्री (Tonometry)आँख का आंतरिक दबाव (Intraocular Pressure)आँख पर हवा का एक हल्का झोंका या एक नरम प्रोब
डाइलेटेड आई एग्जाम (Ophthalmoscopy)आँख के पीछे स्थित ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve)ड्रॉप्स से पुतली को चौड़ा किया जाता है ताकि डॉक्टर अंदर देख सकें
विज़ुअल फील्ड टेस्ट (Perimetry)पार्श्व (Peripheral) दृष्टिजब आपको रोशनी की चमक दिखे तो आप एक बटन दबाते हैं
ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (OCT)ऑप्टिक नर्व फाइबर परत (Optic Nerve Fibre Layer) की मोटाईएक दर्दरहित स्कैन जो आँख को छूता नहीं है
गोनियोस्कोपी (Gonioscopy)आँख का ड्रेनेज एंगल (Drainage Angle)एक विशेष कॉन्टैक्ट लेंस से जाँचा जाता है कि एंगल खुला है या बंद
पैकीमेट्री (Pachymetry)कॉर्निया (Cornea) की मोटाईएक संक्षिप्त प्रोब से आँख के अगले हिस्से को मापा जाता है

कोई एक परिणाम अकेले ग्लूकोमा की पुष्टि नहीं करता; डॉक्टर सभी परिणामों को मिलाकर देखते हैं और बदलाव की जाँच के लिए समय के साथ परीक्षण दोहरा सकते हैं।

क्या रक्त परीक्षण (Blood Tests) और सामान्य स्वास्थ्य की भूमिका हो सकती है?

ग्लूकोमा का निदान एक नेत्र विशेषज्ञ (Eye Specialist) करता है, न कि रक्त परीक्षण से। फिर भी, आपका सामान्य स्वास्थ्य मायने रखता है, क्योंकि जो स्थितियाँ रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालती हैं, वे ऑप्टिक नर्व पर भी दबाव डालती हैं। रक्त शर्करा (Blood Sugar) को स्थिर रखना इसका एक उदाहरण है: जोखिम में रहने वाले कई वयस्क नियमित रूप से एक मधुमेह रक्त परीक्षण की समीक्षा करते हैं और अपनी रक्त शर्करा का स्तर को ट्रैक करते हैं — यह उनकी आँखों और पूरे शरीर की सुरक्षा का हिस्सा है।

शोधकर्ता यह भी खोज रहे हैं कि क्या रक्त-आधारित संकेत भविष्य में ग्लूकोमा के जोखिम को पहले से पहचान सकते हैं, जिसे हम अगले भाग में बताएँगे। अभी के लिए, ये मार्कर (Markers) बीमारी का निदान करने के बजाय समग्र नेत्र स्वास्थ्य को सहारा देते हैं।

उपचार के विकल्प

उपचार से जो नुकसान हो चुका है उसे ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन यह आगे के नुकसान को रोक या धीमा कर सकता है। नेत्र चिकित्सक इन तरीकों से दबाव कम करते हैं:

  • दवाएँ, आमतौर पर प्रिस्क्रिप्शन आई ड्रॉप्स (Eye Drops), जो हर दिन लेनी होती हैं
  • लेज़र उपचार (Laser Treatment), एक त्वरित इन-ऑफिस प्रक्रिया जो तरल पदार्थ को निकलने में मदद करती है
  • सर्जरी (Surgery), जब ड्रॉप्स और लेज़र पर्याप्त न हों, तो एक नया ड्रेनेज रास्ता बनाने के लिए

चाहे जो भी उपचार अपनाया जाए, ग्लूकोमा (Glaucoma) एक आजीवन स्थिति है जिसके लिए नियमित निगरानी जरूरी है। डॉक्टर द्वारा बताई गई आई ड्रॉप्स (Eye Drops) को ठीक उसी तरह लेना और हर फॉलो-अप अपॉइंटमेंट पर जाना — ये दोनों आपकी बची हुई दृष्टि की रक्षा के सबसे प्रभावी तरीके हैं।

ग्लूकोमा की पहचान में नवीनतम प्रगति

पिछले तीन वर्षों के शोध में ग्लूकोमा को जल्दी पकड़ने और यह अनुमान लगाने के तरीके खोजे जा रहे हैं कि किसकी स्थिति बिगड़ सकती है। ये निष्कर्ष उत्साहजनक हैं, लेकिन अभी भी अध्ययन के दौर में हैं — ये मानक नेत्र परीक्षण (Eye Exam) की जगह नहीं लेते, बल्कि उसे और बेहतर बनाते हैं।

  • Nature Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया कि रक्त की प्रतिरक्षा कोशिकाओं (Immune Cells) में ऊर्जा उत्पादन का एक माप तेज़ी से दृष्टि हानि से गहराई से जुड़ा था, जो बढ़ते ग्लूकोमा के लिए एक संभावित ब्लड बायोमार्कर (Blood Biomarker) की ओर इशारा करता है। (Petriti और सहयोगी, 2024)
  • 2025 की एक समीक्षा में बताया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) के स्कैन और रेटिना (Retina) की तस्वीरें पढ़कर ग्लूकोमा की पहचान करने और उसकी प्रगति का अनुमान लगाने में कैसे मदद कर सकती है। (Lan और सहयोगी, 2025)
  • 2026 के एक मल्टी-ओमिक्स (Multi-omics) विश्लेषण में रक्त और मूत्र के कुछ मार्करों — जिनमें ग्लूकोज (Glucose) भी शामिल है — को ग्लूकोमा के जोखिम से जोड़ा गया, जो शरीर-स्तरीय चेतावनी संकेतों की खोज को बल देता है। (Sun और सहयोगी, 2026)

इनमें से कोई भी तरीका आज की डाइलेटेड आई एग्जाम (Dilated Eye Exam) की जगह नहीं ले सकता, और किसी नेत्र विशेषज्ञ के बिना इनके आधार पर उपचार नहीं किया जाना चाहिए। फिर भी, ये भविष्य में पहले और अधिक व्यक्तिगत स्क्रीनिंग (Personalised Screening) की संभावना का संकेत देते हैं।

ग्लूकोमा से जुड़े शब्दों की शब्दावली

अवधिपरिभाषा
एक्वियस ह्यूमर (Aqueous Humor)आंख के अगले हिस्से में मौजूद साफ तरल पदार्थ, जिसका प्रवाह और निकासी आंख के दबाव को प्रभावित करती है।
इंट्राओकुलर प्रेशर (Intraocular Pressure)आंख के अंदर का दबाव; इसका बढ़ा हुआ स्तर ग्लूकोमा के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है।
ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve)वह तंत्रिका जो आंख से मस्तिष्क तक दृश्य संकेत पहुंचाती है।
ओपन-एंगल ग्लूकोमा (Open-Angle Glaucoma)सबसे सामान्य प्रकार, जिसमें ड्रेनेज एंगल (Drainage Angle) खुला होता है लेकिन ठीक से काम नहीं करता।
एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा (Angle-Closure Glaucoma)एक प्रकार जिसमें ड्रेनेज एंगल (Drainage Angle) बंद हो जाता है; तीव्र दौरा एक आपात स्थिति होती है।
परिधीय दृष्टि (Peripheral Vision)साइड विज़न (Side Vision), जो आमतौर पर ओपन-एंगल ग्लूकोमा से सबसे पहले प्रभावित होती है।
टोनोमेट्री (Tonometry)आंख के अंदर के दबाव को मापने वाला परीक्षण।
ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (OCT)एक दर्दरहित स्कैन जो ऑप्टिक नर्व फाइबर लेयर (Optic Nerve Fibre Layer) को मापता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

ग्लूकोमा का पहला संकेत आमतौर पर क्या होता है?

सबसे सामान्य ओपन-एंगल प्रकार में अक्सर कोई ध्यान देने योग्य पहला संकेत नहीं होता। दृष्टि हानि आपकी नज़र के किनारों से चुपचाप शुरू होती है और जब तक यह बढ़ नहीं जाती, इसे पहचानना मुश्किल होता है। यही कारण है कि नियमित नेत्र परीक्षण (Eye Exam) बहुत जरूरी है — ये नुकसान को तब पकड़ सकते हैं जब आपको कुछ भी महसूस नहीं होता।

क्या ग्लूकोमा वंशानुगत होता है?

पारिवारिक इतिहास सबसे मजबूत जोखिम कारकों में से एक है, और वैज्ञानिकों ने ऐसे जीन की पहचान की है जो आंखों के दबाव और ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) को नुकसान से जोड़े गए हैं। अगर किसी करीबी रिश्तेदार को ग्लूकोमा (Glaucoma) है, तो अपने आंखों के डॉक्टर को बताएं और पूछें कि आपकी जांच कितनी बार होनी चाहिए।

क्या ग्लूकोमा (Glaucoma) का इलाज संभव है?

इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, और जो नुकसान हो चुका है उसे पलटा नहीं जा सकता। हालांकि, आंखों के दबाव को कम करने वाला उपचार आगे होने वाले नुकसान को रोकने या धीमा करने में बहुत प्रभावी है, इसलिए जिन लोगों की समय पर पहचान और इलाज हो जाता है, उनमें से अधिकांश जीवन भर अच्छी दृष्टि बनाए रखते हैं।

क्या ग्लूकोमा (Glaucoma) से अंधापन हो सकता है?

अगर इलाज न किया जाए तो हो सकता है — ग्लूकोमा दुनिया भर में स्थायी अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। लेकिन जल्दी पहचान और नियमित उपचार से अंधे होने का खतरा काफी कम हो जाता है।

मुझे कितनी बार आंखों की जांच करानी चाहिए?

यह उम्र और जोखिम पर निर्भर करता है। एक सामान्य मार्गदर्शिका के अनुसार, 55 से 64 वर्ष के वयस्कों को हर एक से तीन साल में जांच कराने की सलाह दी जाती है, और 65 से अधिक उम्र वालों को हर एक से दो साल में — अधिक जोखिम वाले लोगों के लिए और भी बार-बार जांच जरूरी है। आपके आंखों के डॉक्टर आपके लिए सही समय-सारणी तय कर सकते हैं।

क्या हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) या डायबिटीज (Diabetes) ग्लूकोमा को प्रभावित कर सकते हैं?

दोनों ग्लूकोमा के जोखिम और सामान्य आंखों के स्वास्थ्य से जुड़े हैं। डायबिटीज से पीड़ित लोगों में ग्लूकोमा होने की संभावना लगभग दोगुनी होती है, इसलिए ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना आपकी दृष्टि के साथ-साथ पूरे शरीर के लिए भी फायदेमंद है।

सूत्रों का कहना है

अग्रिम पठन

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ग्लूकोमा की पहचान और इलाज आंखों के डॉक्टर द्वारा किया जाता है, लेकिन जो स्थितियां आपका जोखिम बढ़ाती हैं — जैसे डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर — वे रोज़मर्रा के ब्लड टेस्ट में सामने आती हैं। AI DiagMe आपको ब्लड शुगर, HbA1c और कोलेस्ट्रॉल जैसे नतीजों को सरल भाषा में समझने में मदद करता है, ताकि आप उन संख्याओं पर ध्यान दे सकें जो आपकी आंखों और समग्र स्वास्थ्य की रक्षा करती हैं। यह आपके नतीजों को समझने और अपनी डॉक्टर की अपॉइंटमेंट की तैयारी में मदद के लिए बनाया गया है — बीमारी का निदान करने या आपके डॉक्टर की जगह लेने के लिए नहीं।

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लेखक

  • एआई डायगमी टीम में चिकित्सक, नैदानिक विशेषज्ञ और चिकित्सा संपादक शामिल हैं। हमारे लेख स्वास्थ्य संचार पेशेवरों द्वारा लिखे जाते हैं और फिर हमारी वैज्ञानिक समिति के चिकित्सकों द्वारा उनकी समीक्षा और सत्यापन किया जाता है, जिसमें हेमेटोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और सामान्य चिकित्सा जैसी विशिष्टताओं में कार्यरत अस्पताल चिकित्सक शामिल हैं। संपादकीय कार्य का नेतृत्व करने वाले जूलियन प्रियोर के पास एचईसी पेरिस से एमबीए की डिग्री है और उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रीय सतत विकास अनुसंधान संस्थान (आईआरडी, एफएयूएन-एमओओसी, 2026) से वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रत्येक सामग्री वर्तमान नैदानिक दिशानिर्देशों और सहकर्मी-समीक्षित चिकित्सा प्रकाशनों पर आधारित है।.

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