पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन: लक्षण, जांच और कारण

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पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन: कुल और मुक्त टेस्टोस्टेरोन (Total और Free Testosterone) की जांच के लिए सुबह खाली पेट लिया गया ब्लड सैंपल ट्यूब और लैब फॉर्म

⚕️ यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने परिणामों की व्याख्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श लें।.

पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन का संदेह करना आसान है, लेकिन इसकी पुष्टि करना उतना ही मुश्किल। टेस्टोस्टेरोन दिन भर में बदलता रहता है — वही व्यक्ति सुबह 8 बजे सामान्य स्तर दिखा सकता है और शाम 4 बजे कम। इसलिए एक अकेली रीडिंग, खासकर दोपहर बाद की, बहुत कम बताती है। दिशानिर्देशों के अनुसार, हाइपोगोनेडिज़्म (Hypogonadism) शब्द इस्तेमाल करने से पहले अलग-अलग दिनों में सुबह लिए गए दो कम स्तर वाले सैंपल ज़रूरी हैं।

इस लेख में आप जानेंगे कि टेस्टोस्टेरोन टेस्ट (Testosterone Test) वास्तव में कैसे काम करता है, समय और बार-बार सैंपल लेना इतना ज़रूरी क्यों है, कुल और मुक्त टेस्टोस्टेरोन (Total और Free Testosterone) का क्या मतलब है और SHBG उन्हें कैसे प्रभावित करता है, डॉक्टर वृषण (Testicular) की समस्या को पिट्यूटरी (Pituitary) की समस्या से कैसे अलग करते हैं, कौन से लक्षण वास्तव में इस निदान की ओर इशारा करते हैं, कौन से उलटे जा सकने वाले कारण पहले ढूंढने लायक हैं, और उपचार में क्या शामिल है — जिसमें प्रजनन क्षमता पर इसका प्रभाव भी शामिल है।

टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) क्या करता है और ब्लड टेस्ट (Blood Test) में क्या मापा जाता है

टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) पुरुषों में मुख्य एंड्रोजन (Androgen) है। इसका अधिकांश हिस्सा वृषण (Testes) की लेडिग कोशिकाओं (Leydig Cells) द्वारा बनाया जाता है, जो पिट्यूटरी ग्रंथि (Pituitary Gland) के दो हार्मोन के निर्देश पर काम करती हैं: ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (एलएच) and फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (एफएसएच)। LH टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को बढ़ावा देता है; FSH इसके साथ मिलकर शुक्राणु उत्पादन में सहायता करता है। हाइपोथैलेमस से पिट्यूटरी और फिर वृषण (Testes) तक चलने वाली इस श्रृंखला को हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-गोनाडल एक्सिस (Hypothalamic-Pituitary-Gonadal Axis) कहा जाता है, और इसमें कहीं भी कोई खराबी आने पर अंतिम संख्या कम हो सकती है।

टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) मांसपेशियों और हड्डियों, लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के निर्माण, यौन इच्छा, इरेक्टाइल फंक्शन (Erectile Function) और यौवन के दौरान पुरुष लक्षणों के विकास में सहायक होता है। महिलाएं भी इसे बनाती हैं, लेकिन बहुत कम मात्रा में — यही कारण है कि महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन एक अलग नैदानिक प्रश्न (Clinical Question) है। एक सामान्य टेस्टोस्टेरोन ब्लड टेस्ट (Testosterone Blood Test) कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone) मापता है: रक्त में मौजूद सभी टेस्टोस्टेरोन — बाउंड (Bound) और अनबाउंड (Unbound) दोनों मिलाकर। यही आंकड़ा हर मूल्यांकन का शुरुआती बिंदु होता है, लेकिन अकेले यह उतने सवालों के जवाब नहीं देता जितना अधिकांश लोग सोचते हैं।

समय और दोबारा जांच क्यों संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है

टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर दिन भर में काफी बदलता रहता है। सुबह के शुरुआती घंटों में यह सबसे अधिक होता है और दिन बढ़ने के साथ घटता जाता है। युवा पुरुषों में यह गिरावट इतनी बड़ी हो सकती है कि 24 घंटों के भीतर एक ही व्यक्ति का परिणाम सामान्य से कम की श्रेणी में आ जाए। खाना भी असर डालता है: भोजन, खासकर मीठा खाना, कुछ घंटों के लिए रक्त में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम कर देता है। इन दोनों कारणों से, सैंपल सुबह लिया जाना चाहिए — आमतौर पर सुबह 10 बजे से पहले — और रात भर के उपवास के बाद।

दूसरा नियम वह है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। कम परिणाम कोई निदान (Diagnosis) नहीं है। एंडोक्राइन सोसाइटी (Endocrine Society) और अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन (American Urological Association) दोनों यह सलाह देते हैं कि हाइपोगोनाडिज्म (Hypogonadism) का निदान करने से पहले, किसी अलग दिन सुबह लिए गए दूसरे सैंपल से पहले कम परिणाम की पुष्टि की जाए। 2025 की यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ यूरोलॉजी (European Association of Urology) अपडेट भी यही स्थिति अपनाती है। बड़े TRAVERSE सेफ्टी ट्रायल (TRAVERSE Safety Trial) ने भी भर्ती के लिए यही मानक लागू किया था: पुरुषों के पास प्रवेश के लिए दो बार कम फास्टिंग टेस्टोस्टेरोन (Fasting Testosterone) माप होनी ज़रूरी थी।

दोबारा जांच करने का एक व्यावहारिक कारण है। एक ही पुरुष में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर दिन-प्रतिदिन बदलता रहता है, लैब परीक्षण (Laboratory Assay) अलग-अलग हो सकते हैं, और कोई बीमारी, नींद की कमी या तनावभरा सप्ताह एक बार के परिणाम को कम कर सकता है। दूसरी सुबह की जांच बड़ी संख्या में गलत-सकारात्मक (False Positive) परिणामों को छान देती है। यही कारण है कि दोपहर में वॉक-इन या मेल-ऑर्डर पैनल (Mail-Order Panel) से लिए गए परिणाम को कभी भी अंतिम निर्णय नहीं मानना चाहिए।

कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone), फ्री टेस्टोस्टेरोन (Free Testosterone) और SHBG क्यों मायने रखता है

रक्त में अधिकांश टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए उपलब्ध नहीं होता। इसका एक बड़ा हिस्सा सेक्स हार्मोन-बाइंडिंग ग्लोब्युलिन (Sex Hormone-Binding Globulin, SHBG) से मज़बूती से बंधा होता है और बाकी का अधिकांश हिस्सा एल्ब्यूमिन (Albumin) से ढीले तौर पर जुड़ा होता है। केवल एक छोटा हिस्सा ही अनबाउंड (Unbound) अवस्था में रहता है। फ्री टेस्टोस्टेरोन (Free Testosterone) यही अनबाउंड हिस्सा है, और यही वह भाग है जो शरीर के ऊतकों (Tissues) पर वास्तविक प्रभाव से सबसे अधिक जुड़ा होता है।

SHBG कई भ्रामक परिणामों की व्याख्या करता है। जो भी चीज़ SHBG को बढ़ाती है — जैसे बढ़ती उम्र, अतिसक्रिय थायरॉइड (Overactive Thyroid), लिवर की बीमारी और एस्ट्रोजन (Estrogen) — वह कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone) को बढ़ा देती है, लेकिन ज़रूरी नहीं कि मुक्त अंश (Free Fraction) भी बढ़े। जो चीज़ें SHBG को कम करती हैं — जैसे मोटापा, इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) और टाइप 2 डायबिटीज़ (Type 2 Diabetes), एक कम सक्रिय थायरॉइड (Underactive Thyroid), ग्लूकोकॉर्टिकॉइड्स (Glucocorticoids) और नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome), कुल टेस्टोस्टेरोन को कम कर देते हैं, जबकि मुक्त अंश (Free Fraction) सामान्य के करीब रह सकता है।

इसीलिए फ्री टेस्टोस्टेरोन (Free Testosterone) को दूसरी पंक्ति की जाँच माना जाता है — इसका उपयोग तब किया जाता है जब कुल टेस्टोस्टेरोन निदान की सीमा के करीब हो या जब SHBG में बदलाव की संभावना हो। यह एक निर्णायक जाँच है, न कि नियमित पहली माप। अधिकांश प्रयोगशालाओं में इसे सीधे मापने की बजाय कुल टेस्टोस्टेरोन, SHBG और एल्ब्यूमिन (Albumin) से गणना द्वारा निकाला जाता है, और ये कैलकुलेटर विभिन्न केंद्रों में एकसमान नहीं होते — इसलिए सीमा रेखा पर आने वाले फ्री टेस्टोस्टेरोन के परिणाम को सीधे स्वीकार करने की बजाय विशेषज्ञ द्वारा समझा जाना ज़रूरी है।

लक्षण: कौन से लक्षण कम टेस्टोस्टेरोन की ओर इशारा करते हैं, और कौन से नहीं

लक्षण दो बिल्कुल अलग-अलग समूहों में बँटे होते हैं, और इन्हें आपस में मिला देना ही वह सबसे आम कारण है जिसकी वजह से पुरुषों की अनावश्यक जाँच की जाती है।

अधिक विशिष्ट लक्षणों में शामिल हैं: सुबह के इरेक्शन (Morning Erections) का कम होना या बिल्कुल न होना, यौन इच्छा में स्पष्ट कमी, शरीर और चेहरे के बालों का झड़ना, अंडकोष का छोटा होना या सिकुड़ना, स्तन ऊतक का विकास (गाइनेकोमेस्टिया / Gynecomastia), गर्म लहरें (Hot Flashes) और बाँझपन (Infertility)। यदि समस्या यौवन से पहले शुरू हो, तो यौन विकास का अधूरा रहना भी इस सूची में जुड़ जाता है। ये लक्षण वास्तव में हाइपोगोनेडिज़्म (Hypogonadism) की संभावना को बढ़ाते हैं और डॉक्टर इन्हीं के बारे में सबसे ध्यान से पूछते हैं।

गैर-विशिष्ट लक्षण वे हैं जो पुरुष आमतौर पर खुद महसूस करते हैं: थकान, उदास मन, एकाग्रता में कमी, ताकत घटना, वज़न बढ़ना और नींद का टूटना। ये सभी लक्षण काफी हद तक ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (Obstructive Sleep Apnea), अवसाद (Depression), थायरॉइड रोग (Thyroid Disease), एनीमिया (Anemia), अनियंत्रित मधुमेह (Diabetes), दवाओं के दुष्प्रभाव और नींद की कमी। इस ओवरलैप को देखते हुए, एंडोक्राइन सोसाइटी (Endocrine Society) उन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन मापने की सलाह नहीं देती जिनमें केवल गैर-विशिष्ट लक्षण हों, क्योंकि इस तरह मिलने वाले अधिकांश कम परिणाम वास्तव में किसी और कारण को दर्शाते हैं।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) दोनों समूहों के बीच एक अजीब स्थिति में है। कम टेस्टोस्टेरोन यौन इच्छा को कम कर सकता है और इरेक्शन की समस्याओं में योगदान दे सकता है, लेकिन रक्त वाहिका रोग, डायबिटीज़, दवाएँ और मनोवैज्ञानिक कारण इसके कहीं अधिक मामलों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं — इसलिए टेस्टोस्टेरोन का परिणाम अकेले इसकी व्याख्या शायद ही कर पाता है।

प्राथमिक या द्वितीयक हाइपोगोनेडिज़्म (Primary या Secondary Hypogonadism), और इन्हें अलग करने वाली जाँचें

एक बार जब दो बार सुबह के कम रीडिंग की पुष्टि हो जाए, तो अगला सवाल यह होता है कि समस्या कहाँ है। LH और FSH इसका जवाब देते हैं, इसीलिए इन्हें टेस्टोस्टेरोन के साथ ही मापा जाता है, बाद में नहीं।

प्राथमिक हाइपोगोनेडिज़्म (Primary Hypogonadism) में समस्या अंडकोष (Testes) में होती है। टेस्टोस्टेरोन कम होता है जबकि LH और FSH अधिक होते हैं, क्योंकि पिट्यूटरी ग्रंथि (Pituitary Gland) उस ग्रंथि को बार-बार संकेत भेज रही होती है जो प्रतिक्रिया देने में असमर्थ है। इसके कारणों में क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम (Klinefelter Syndrome), मम्प्स ऑर्काइटिस (Mumps Orchitis), अंडकोष में चोट या मरोड़ (Testicular Injury or Torsion), अनुतरित अंडकोष (Undescended Testes), कीमोथेरेपी (Chemotherapy) और विकिरण (Radiation) शामिल हैं।

सेकेंडरी हाइपोगोनाडिज्म (Secondary Hypogonadism) में, जिसे कभी-कभी सेंट्रल हाइपोगोनाडिज्म (Central Hypogonadism) भी कहते हैं, समस्या संकेत (Signal) में होती है। टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) कम होता है, लेकिन LH और FSH भी कम होते हैं या अनुचित रूप से सामान्य दिखते हैं — यानी ऐसे मान जो प्रतिक्रिया में बढ़ने चाहिए थे, पर नहीं बढ़े। इसके कारणों में पिट्यूटरी ट्यूमर (Pituitary Tumor), बढ़ा हुआ प्रोलैक्टिन (Prolactin), ओपिओइड्स (Opioids), ग्लूकोकॉर्टिकॉइड्स (Glucocorticoids), आयरन ओवरलोड (Iron Overload), गंभीर मोटापा, एनाबॉलिक स्टेरॉयड (Anabolic Steroid) का उपयोग और गंभीर बीमारी शामिल हैं।

जब पैटर्न सेंट्रल (Central) लगे, तो आमतौर पर आगे के परीक्षण किए जाते हैं: प्रोलैक्टिन, आयरन अध्ययन (Iron Studies) जिसमें शामिल हैं ट्रांसफ़रिन संतृप्ति हेमोक्रोमैटोसिस (Hemochromatosis) की जांच के लिए, अन्य पिट्यूटरी हार्मोन्स (Pituitary Hormones) के लिए, और पिट्यूटरी MRI के लिए — जब प्रोलैक्टिन (Prolactin) अधिक हो, टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) बहुत कम हो, या सिरदर्द या दृष्टि में बदलाव हो। जब प्रजनन क्षमता (Fertility) की चिंता हो, तो सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis) भी जोड़ा जाता है।

परिणाम का प्रकारयह किस ओर संकेत करता हैअगला सामान्य कदम
दोपहर में लिया गया एक कम रीडिंगअकेले इससे बहुत कम निष्कर्ष निकलता है; दैनिक लय (Daily Rhythm) अकेले इसे समझा सकती हैसुबह 10 बजे से पहले खाली पेट (Fasting) सुबह का सैंपल लेकर दोबारा जांच करें
सुबह की दो बार कम रीडिंग, साथ में LH और FSH अधिकवृषण से संबंधित कारण, जिसे प्राथमिक हाइपोगोनाडिज्म (Primary Hypogonadism) कहते हैंक्लिनिकल जांच (Clinical Examination), और जहां जरूरी हो वहां जेनेटिक टेस्टिंग (Genetic Testing) या सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis)
सुबह की दो बार कम रीडिंग, साथ में LH और FSH कम या अनुचित रूप से सामान्यपिट्यूटरी या हाइपोथैलेमस से संबंधित कारण, जिसे द्वितीयक हाइपोगोनाडिज्म (Secondary Hypogonadism) कहते हैंप्रोलैक्टिन (Prolactin), आयरन स्टडीज (Iron Studies), अन्य पिट्यूटरी हार्मोन्स (Pituitary Hormones), और जहां जरूरी हो वहां पिट्यूटरी MRI
कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone) कम, लेकिन फ्री टेस्टोस्टेरोन (Free Testosterone) सामान्यअक्सर यह कम SHBG की स्थिति होती है, जैसे मोटापा या इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) — न कि वास्तविक कमीकिसी डॉक्टर के साथ SHBG, वजन, ग्लूकोज नियंत्रण और वर्तमान दवाओं की समीक्षा करें

उपचार से पहले ढूंढने योग्य उलटाव-योग्य कारण

कम रीडिंग के एक बड़े हिस्से का कोई ऐसा कारण होता है जिसे ठीक किया जा सकता है, और उसे पहचानने से आगे की दिशा बदल जाती है। अधिकांश क्लीनिकों में अतिरिक्त वजन सबसे बड़ा एकल कारण है: वसा ऊतक (Fat Tissue) टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजन में बदल देता है और SHBG को कम करता है, और वजन घटाने से अक्सर बिना किसी हार्मोन उपचार के ही टेस्टोस्टेरोन बढ़ जाता है। अनुपचारित ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (Obstructive Sleep Apnea), अत्यधिक शराब का सेवन और पिछले कुछ हफ्तों में कोई भी तीव्र बीमारी भी इस एक्सिस को दबा देती है।

दवाएं अगला महत्वपूर्ण समूह हैं। लंबे समय तक ओपिओइड्स (Opioids) और ग्लूकोकॉर्टिकॉइड्स (Glucocorticoids) का उपयोग सेंट्रल सप्रेशन (Central Suppression) के जाने-माने कारण हैं। एनाबॉलिक स्टेरॉयड (Anabolic Steroid) का उपयोग भी — चाहे अभी हो या वर्षों पहले — इसी श्रेणी में आता है, और इसे ईमानदारी से बताना जरूरी है क्योंकि यह परिणाम की व्याख्या पूरी तरह बदल देता है। पिट्यूटरी एडेनोमा (Pituitary Adenoma) या कुछ दवाओं से बढ़ा हुआ प्रोलैक्टिन (Prolactin) एक और कारण है जिसका अपने आप में इलाज संभव है, और आयरन ओवरलोड (Iron Overload) पिट्यूटरी और टेस्टिस (Testes) दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है।

इसका यह मतलब नहीं है कि आप खुद से कोई निर्धारित दवा बंद करें या उसमें बदलाव करें। ओपिओइड्स (Opioids), ग्लूकोकॉर्टिकॉइड्स (Glucocorticoids) और अन्य उपचार महत्वपूर्ण कारणों से दिए जाते हैं, और केवल आपके डॉक्टर ही इसके फायदे-नुकसान का सही आकलन कर सकते हैं। उपयोगी कदम यह है कि आप अपने डॉक्टर को वह सब कुछ बताएं जो आप लेते हैं — बिना पर्चे के खरीदी गई चीजें भी — ताकि परिणाम को सही संदर्भ में समझा जा सके।

उपचार में क्या शामिल है, और प्रजनन क्षमता (Fertility) का सवाल

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (Testosterone Replacement Therapy) एक प्रिस्क्रिप्शन उपचार है, जो हाइपोगोनाडिज्म (Hypogonadism) की पुष्टि हो चुके पुरुषों के लिए दिया जाता है। इसका निर्णय एक चिकित्सक द्वारा तब लिया जाता है जब बार-बार सुबह के नमूनों से निदान स्थापित हो जाए और उलटाव योग्य कारणों पर विचार कर लिया जाए। यह कोई ऊर्जा बढ़ाने, उम्र रोकने या प्रदर्शन सुधारने का उपचार नहीं है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US Food and Drug Administration) का कहना है कि टेस्टोस्टेरोन उत्पाद केवल उन पुरुषों के लिए स्वीकृत जिनमें किसी संबंधित चिकित्सीय स्थिति के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी कम हो, जैसे कि वृषण (Testes), हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) या पिट्यूटरी (Pituitary) का कोई विकार।

शुरू करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण बात जो समझनी चाहिए वह है प्रजनन क्षमता (Fertility)। शरीर के बाहर से दिया गया टेस्टोस्टेरोन LH और FSH को दबा देता है, जिससे अंडकोष के अंदर टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिर जाता है और शुक्राणु उत्पादन (Sperm Production) प्रभावित होता है; कुछ पुरुषों में शुक्राणु बनना पूरी तरह बंद हो जाता है। उपचार बंद होने के बाद उत्पादन आमतौर पर फिर शुरू हो जाता है, लेकिन इसकी गति हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है और रिकवरी की गारंटी नहीं दी जा सकती। जो भी पुरुष अभी या भविष्य में बच्चे चाहते हों, उन्हें पहली प्रिस्क्रिप्शन से पहले — न कि बाद में — यह बात अपने डॉक्टर से जरूर करनी चाहिए, ताकि प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने वाले विकल्पों पर चर्चा हो सके।

उपचार का अर्थ एक बार की प्रिस्क्रिप्शन नहीं, बल्कि नियमित निगरानी भी है। चूँकि टेस्टोस्टेरोन लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के उत्पादन को बढ़ाता है, hematocrit पॉलीसाइथेमिया (Polycythemia) यानी रक्त के अत्यधिक गाढ़े होने की जाँच की जाती है। प्रोस्टेट (Prostate) का मूल्यांकन, जिसमें पीएसए जहाँ उचित हो, लक्षण, रक्तचाप (Blood Pressure) और स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) की भी निगरानी की जाती है। हृदय संबंधी सुरक्षा के प्रश्न का सीधे अध्ययन किया गया है और इसे नीचे दिए गए अनुभाग में विस्तार से बताया गया है।

चूँकि जाँच और उपचार दोनों के लिए निदान की सही पुष्टि और समय के साथ उसकी निगरानी जरूरी है, इसलिए यह काम किसी ऐसे चिकित्सक के साथ होना चाहिए जो सही दोहराव परीक्षण (Repeat Tests) करवा सके, परिणाम के साथ LH, FSH और SHBG को पढ़ सके, और यदि उपचार शुरू हो तो उसकी निगरानी कर सके।

कम टेस्टोस्टेरोन के लिए डॉक्टर से कब मिलें

अगर आपको इनमें से कोई विशेष लक्षण हों तो अपॉइंटमेंट लें — जैसे यौन इच्छा में स्पष्ट कमी, सुबह के इरेक्शन का न होना, अंडकोष का सिकुड़ना, स्तन में दर्द या सूजन, शरीर के बालों का झड़ना, या गर्भधारण में कठिनाई। अपने पिछले सभी परिणाम साथ लाएँ, जिसमें जाँच का समय भी हो, और अपनी दवाओं की सूची भी।

यदि आपको निम्न में से कोई भी समस्या हो तो नियमित अपॉइंटमेंट का इंतजार न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें — अचानक या तेज अंडकोष दर्द या सूजन; स्तन में गाँठ; नई सिरदर्द के साथ धुंधली या सीमित दृष्टि; शरीर के बालों का झड़ना और अत्यधिक कमजोरी या चक्कर; या निप्पल से दूधिया स्राव। ये लक्षण ऐसी समस्याओं की ओर संकेत कर सकते हैं जिनका जल्द मूल्यांकन जरूरी है, जैसे पिट्यूटरी ट्यूमर (Pituitary Tumor) या अंडकोष से जुड़ी कोई स्थिति।

टेस्टोस्टेरोन जाँच और उपचार में नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति

TRAVERSE परीक्षण (Trial), जो 2023 में न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन (New England Journal of Medicine) में प्रकाशित हुआ था, में पाँच हजार से अधिक मध्यम आयु वर्ग और वृद्ध पुरुषों को शामिल किया गया था, जिनमें हाइपोगोनाडिज्म (Hypogonadism) के लक्षण थे, उपवास में दो बार टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर कम पाया गया था, और या तो पहले से हृदय रोग था या उसका उच्च जोखिम था। टेस्टोस्टेरोन जेल (Testosterone Gel) हृदय संबंधी मृत्यु, गैर-घातक दिल के दौरे और गैर-घातक स्ट्रोक (Stroke) के संयुक्त परिणाम के मामले में प्लेसबो (Placebo) से बदतर नहीं था। टेस्टोस्टेरोन समूह में एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial Fibrillation), तीव्र किडनी चोट (Acute Kidney Injury) और पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) के अधिक मामले देखे गए। आपके लिए इसका क्या अर्थ है: मुख्य हृदय संबंधी प्रश्न का उत्तर काफी हद तक आश्वस्त करने वाले तरीके से मिला है, लेकिन पूरी तरह नहीं, और इस परीक्षण में उन पुरुषों को शामिल किया गया था जिनका निदान (Diagnosis) सही तरीके से पुष्टि किया गया था, न कि उन पुरुषों को जो थकान के लिए टेस्टोस्टेरोन ले रहे थे।

कार्डियोलोजिया पोल्स्का (Kardiologia Polska) में प्रकाशित 2026 की एक समीक्षा ने उन गैर-हृदय संकेतों पर यादृच्छिक (Randomized) और वास्तविक-दुनिया के साक्ष्यों को नियामक प्रतिक्रिया के साथ एकत्रित किया। इसमें बताया गया है कि प्रमुख हृदय संबंधी घटनाओं के बारे में बॉक्स्ड वॉर्निंग (Boxed Warning) को टेस्टोस्टेरोन लेबल से हटा दिया गया, जबकि एम्बुलेटरी मॉनिटरिंग अध्ययनों के आधार पर रक्तचाप वृद्धि के बारे में एक क्लास-वाइड वॉर्निंग (Class-wide Warning) जोड़ी गई। आपके लिए इसका अर्थ यह है: सुरक्षा संबंधी ध्यान दिल के दौरे और स्ट्रोक से हटकर हृदय की लय (Rhythm), किडनी, रक्त के थक्के (Clotting) और रक्तचाप के प्रभावों पर केंद्रित हो गया है — इन सभी की निगरानी की जा सकती है। विश्वसनीयता नोट: यह एक नैरेटिव रिव्यू (Narrative Review) है न कि पूल्ड एनालिसिस (Pooled Analysis), और कई संकेत अवलोकन संबंधी डेटा (Observational Data) से आते हैं, जहाँ रोगियों के बीच अन्य अंतर तस्वीर को विकृत कर सकते हैं।

2025 में Nature Reviews Urology में प्रकाशित एक समीक्षा में प्रजनन आयु के पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट (Testosterone Replacement) और शुक्राणु उत्पादन की जांच की गई। बाहर से लिए गए एंड्रोजन (Androgens) गोनाडोट्रोपिन LH और FSH को दबा देते हैं, वृषण (Testis) के अंदर टेस्टोस्टेरोन को तेज़ी से कम करते हैं, और शुक्राणुजनन (Spermatogenesis) — यानी शुक्राणु बनाने की प्रक्रिया — को बाधित करते हैं। उपचार बंद करने के बाद सामान्यतः सुधार होता है, लेकिन इसमें लगने वाला समय बहुत अलग-अलग हो सकता है, जिससे परिवार नियोजन जटिल हो सकता है। लेखकों ने बाहरी टेस्टोस्टेरोन (Exogenous Testosterone) को गर्भधारण की कोशिश कर रहे पुरुषों के लिए अनुचित (Contraindicated) बताया है। आपके लिए इसका अर्थ: यह टेस्टोस्टेरोन उपचार का सबसे कम बताया जाने वाला नुकसान है, और पहला नुस्खा लिखने से पहले इस पर चर्चा होनी चाहिए।

2024 में Current Opinion in Endocrinology, Diabetes and Obesity में प्रकाशित एक समीक्षा में कैलकुलेटेड फ्री टेस्टोस्टेरोन (Calculated Free Testosterone) पर ध्यान दिया गया — यह वह मान है जिसे अधिकांश प्रयोगशालाएं मापने की बजाय गणना से निकालती हैं। इसमें पुष्टि की गई कि उम्र बढ़ने और मोटापे से कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone) और SHBG दोनों प्रभावित होते हैं, और कुल टेस्टोस्टेरोन सामान्य होने पर भी फ्री टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है। फ्री टेस्टोस्टेरोन एक द्वितीयक जांच के रूप में सबसे उपयोगी है, जो गलत निदान और अनावश्यक उपचार दोनों से बचने में मदद करता है। आपके लिए इसका अर्थ: यदि आपके कुल और फ्री टेस्टोस्टेरोन के परिणाम एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, तो यह एक जानी-मानी स्थिति है, न कि प्रयोगशाला की गलती। विश्वसनीयता नोट: लेखक इस बात पर जोर देते हैं कि फ्री टेस्टोस्टेरोन कैलकुलेटर मानकीकृत नहीं हैं, इसलिए ये मान अनुमानित होते हैं।

2025 में Journal of Clinical Endocrinology and Metabolism में एक बहस में यह स्पष्ट किया गया कि यह विषय वास्तव में कितना अनिश्चित है। एक विशेषज्ञ ने तर्क दिया कि फ्री टेस्टोस्टेरोन (Free Testosterone) का सटीक आकलन उपयोगी है और साक्ष्य द्वारा समर्थित है; दूसरे ने तर्क दिया कि इसकी मूल अवधारणा ही त्रुटिपूर्ण है और सामान्य चिकित्सा अभ्यास में फ्री टेस्टोस्टेरोन को विश्वसनीय रूप से मापा नहीं जा सकता। आपके लिए इसका अर्थ: सीमा रेखा पर आने वाले फ्री टेस्टोस्टेरोन को एक जानकारी के रूप में देखें जिस पर चर्चा की जाए, न कि कोई अंतिम निर्णय। एक अच्छे चिकित्सक से अपेक्षा करें कि वे इसे आपके लक्षणों, SHBG और सुबह के दोहराए गए परिणामों के साथ मिलाकर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

क्या टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का कम स्तर थकान का कारण बन सकता है?

यह हो सकता है, लेकिन अकेले थकान कमज़ोर प्रमाण है। थकान चिकित्सा में सबसे कम विशिष्ट लक्षणों में से एक है और यह स्लीप एपनिया (Sleep Apnea), अवसाद (Depression), थायरॉइड रोग (Thyroid Disease), एनीमिया (Anemia), खराब नियंत्रित रक्त शर्करा (Blood Sugar), दवाओं के दुष्प्रभाव और कम नींद जैसी स्थितियों से भी जुड़ी हो सकती है। अधिकांश पुरुष जिनकी केवल थकान के कारण जाँच की जाती है और जिनका स्तर कम निकलता है, उनकी इस स्थिति का कोई अलग कारण होता है। इसीलिए एंडोक्राइन सोसायटी (Endocrine Society) उन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन मापने की सलाह नहीं देती जिनकी शिकायतें केवल गैर-विशिष्ट हों। यदि थकान आपकी मुख्य समस्या है, तो हार्मोन पैनल (Hormone Panel) की बजाय व्यापक मूल्यांकन आमतौर पर अधिक उपयोगी होता है।

क्या टेस्टोस्टेरोन थेरेपी (Testosterone Therapy) मेरी प्रजनन क्षमता (Fertility) को प्रभावित करेगी?

हाँ, और शुरू करने से पहले यह सबसे महत्वपूर्ण बात है जो आपको अपने डॉक्टर से पूछनी चाहिए। बाहर से लिया गया टेस्टोस्टेरोन पिट्यूटरी (Pituitary) के संकेतों LH और FSH को बंद कर देता है, जिससे वृषण (Testes) के अंदर टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिर जाता है और शुक्राणु उत्पादन (Sperm Production) प्रभावित होता है। कुछ पुरुषों में मापने योग्य शुक्राणु बनना बंद हो जाते हैं। उपचार बंद करने के बाद शुक्राणु उत्पादन आमतौर पर वापस आ जाता है, लेकिन यह समय हर व्यक्ति में बहुत अलग-अलग होता है और पूरी तरह ठीक होने की गारंटी नहीं है, खासकर लंबे समय तक उपयोग के बाद। समीक्षाएँ बाहरी टेस्टोस्टेरोन (Exogenous Testosterone) को उन पुरुषों के लिए वर्जित (Contraindicated) बताती हैं जो बच्चा पैदा करने की कोशिश कर रहे हों। यदि आप भविष्य में कभी भी बच्चा चाहते हैं, तो पहला नुस्खा लिखे जाने से पहले ही यह बात अपने डॉक्टर को बताएँ ताकि विकल्पों पर चर्चा की जा सके।

क्या टेस्टोस्टेरोन बूस्टर (Testosterone Boosters) काम करते हैं?

ओवर-द-काउंटर टेस्टोस्टेरोन बूस्टर (Over-the-counter testosterone boosters) सप्लीमेंट (Supplements) होते हैं, दवाएं नहीं, और इन पर प्रिस्क्रिप्शन दवाओं जैसे मानक लागू नहीं होते। इस बात के प्रमाण बहुत कमज़ोर हैं कि ये पुष्टि की गई कमी वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) को वास्तव में बढ़ाते हैं। अलग-अलग उत्पादों में सामग्री और मात्रा भिन्न होती है, और कुछ में बिना बताए हार्मोन (Hormones) भी पाए गए हैं। ये उन असली कारणों का भी कोई समाधान नहीं करते जो वास्तव में मायने रखते हैं — जैसे अधिक वज़न, स्लीप एपनिया (Sleep Apnea), शराब या पिट्यूटरी (Pituitary) की समस्या। अगर आपका टेस्टोस्टेरोन वाकई कम है, तो सही कदम यह है कि किसी डॉक्टर से उचित जांच करवाएं, न कि कोई सप्लीमेंट लें।

क्या कम टेस्टोस्टेरोन (Low Testosterone) से अवसाद (Depression) हो सकता है?

पुष्टि किए गए हाइपोगोनाडिज्म (Hypogonadism) वाले पुरुषों में उदास मन रहना आम है, लेकिन यह संबंध दोनों दिशाओं में काम करता है और इसे समझना आसान नहीं है। अवसाद (Depression) खुद हार्मोनल अक्ष (Hormonal Axis) को दबा सकता है, और दोनों स्थितियों के कारण एक जैसे हो सकते हैं — जैसे नींद की कमी, दीर्घकालिक बीमारी, शराब और मोटापा। अवसाद के लक्षणों वाले पुरुष में कम टेस्टोस्टेरोन का परिणाम यह साबित नहीं करता कि हार्मोन ही इसका कारण है। अवसाद का मूल्यांकन और उपचार अपने आप में होना चाहिए, और टेस्टोस्टेरोन के परिणामों को उसके साथ मिलाकर देखा जाना चाहिए, न कि उसकी जगह। अपने डॉक्टर को दोनों के बारे में बताएं ताकि कोई भी बात छूट न जाए।

क्या युवा पुरुषों में लक्षण अलग होते हैं?

विशिष्ट लक्षण एक जैसे होते हैं, लेकिन संदर्भ अलग होता है। बीस या तीस साल के पुरुष में वास्तव में कम टेस्टोस्टेरोन (Low Testosterone) का स्तर उम्र से संबंधित होने की संभावना कम होती है — इसके पीछे कोई पहचाने जाने योग्य कारण होने की संभावना अधिक होती है, इसलिए केवल आश्वस्त करने की बजाय पूरी जांच ज़रूरी है। एनाबॉलिक स्टेरॉयड (Anabolic Steroids) का पिछला या वर्तमान उपयोग एक सामान्य कारण है, साथ ही मोटापा, ओपिओइड (Opioids), बढ़ा हुआ प्रोलैक्टिन (Prolactin) और पिट्यूटरी (Pituitary) की समस्याएं भी। प्रजनन क्षमता (Fertility) भी अक्सर तत्काल चिंता का विषय होती है, जो यह प्रभावित करती है कि कौन से उपचार विकल्प उचित हैं। वही नियम लागू होता है: किसी भी निदान से पहले दो बार सुबह के कम नमूने ज़रूरी हैं।

क्या कम टेस्टोस्टेरोन (Low Testosterone) से इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) होता है?

कम टेस्टोस्टेरोन (Low Testosterone) मुख्य रूप से यौन इच्छा को प्रभावित करता है, न कि इरेक्शन (Erection) की क्रिया को। यह इरेक्टाइल समस्याओं में योगदान दे सकता है, और सुबह के इरेक्शन में कमी इसके अपेक्षाकृत विशिष्ट संकेतों में से एक है — लेकिन रक्त वाहिका रोग (Blood Vessel Disease), मधुमेह (Diabetes), उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), दवाएं, धूम्रपान और मनोवैज्ञानिक कारण अधिकांश मामलों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) हृदय रोग (Cardiovascular Disease) का एक शुरुआती संकेत भी हो सकता है, इसलिए इसके लिए केवल हार्मोन टेस्ट (Hormone Test) की बजाय उचित जांच ज़रूरी है। पुष्टि की गई टेस्टोस्टेरोन की कमी को ठीक करने से अकेले इरेक्टाइल डिसफंक्शन का भरोसेमंद समाधान नहीं होता।

प्रमुख शब्दों की शब्दावली

अवधिपरिभाषा
टेस्टोस्टेरोनमुख्य पुरुष सेक्स हार्मोन, जो मुख्यतः वृषण (Testes) में बनता है और मांसपेशियों, हड्डियों, लाल रक्त कोशिकाओं, यौन इच्छा तथा पुरुष विकास को सहारा देता है।
हाइपोगोनाडिज्म (Hypogonadism)लक्षणों और बार-बार सुबह लिए गए नमूनों में लगातार कम टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) की पुष्टि के आधार पर किया गया नैदानिक निदान।
कुल टेस्टोस्टेरोनरक्त में प्रवाहित होने वाला कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone) — प्रोटीन से बंधा हुआ और मुक्त, दोनों मिलाकर। यह सामान्यतः पहली जांच के रूप में मापा जाता है।
मुक्त टेस्टोस्टेरोनछोटा असंबद्ध (Unbound) अंश, जिसे द्वितीय-स्तरीय जाँच के रूप में तब उपयोग किया जाता है जब कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone) सीमारेखा पर हो या SHBG में बदलाव की संभावना हो।
एसएचबीजीसेक्स हार्मोन-बाइंडिंग ग्लोब्युलिन (Sex Hormone-Binding Globulin), वह प्रोटीन जो रक्त में अधिकांश टेस्टोस्टेरोन को वहन करता है और कुल स्तर को ऊपर या नीचे करता है।
एलएच और एफएसएचपिट्यूटरी हार्मोन जो वृषण (Testes) को निर्देश देते हैं। इनका पैटर्न यह बताता है कि समस्या वृषण में है या पिट्यूटरी में।
प्राइमरी हाइपोगोनाडिज्म (Primary Hypogonadism)वृषण (Testes) में ही उत्पन्न होने वाली टेस्टोस्टेरोन की कमी, जिसमें LH और FSH प्रतिक्रियास्वरूप बढ़े हुए होते हैं।
सेकेंडरी हाइपोगोनाडिज्म (Secondary Hypogonadism)पिट्यूटरी या हाइपोथैलेमस से उत्पन्न होने वाली टेस्टोस्टेरोन की कमी, जिसमें LH और FSH कम या अनुचित रूप से सामान्य होते हैं।
दैनिक लय (Diurnal Rhythm)हार्मोन स्तरों का दैनिक चक्र। टेस्टोस्टेरोन सुबह के शुरुआती घंटों में सबसे अधिक होता है और दिन भर में घटता जाता है।
पॉलीसाइथेमिया (Polycythemia)रक्त की अत्यधिक सांद्रता (Over-concentrated Blood Count), जिसे हेमाटोक्रिट (Hematocrit) के ज़रिए देखा जाता है — यह स्थिति टेस्टोस्टेरोन उपचार के कारण हो सकती है।

सूत्रों का कहना है

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    एआई डायगमी टीम में चिकित्सक, नैदानिक विशेषज्ञ और चिकित्सा संपादक शामिल हैं। हमारे लेख स्वास्थ्य संचार पेशेवरों द्वारा लिखे जाते हैं और फिर हमारी वैज्ञानिक समिति के चिकित्सकों द्वारा उनकी समीक्षा और सत्यापन किया जाता है, जिसमें हेमेटोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और सामान्य चिकित्सा जैसी विशिष्टताओं में कार्यरत अस्पताल चिकित्सक शामिल हैं। संपादकीय कार्य का नेतृत्व करने वाले जूलियन प्रियोर के पास एचईसी पेरिस से एमबीए की डिग्री है और उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रीय सतत विकास अनुसंधान संस्थान (आईआरडी, एफएयूएन-एमओओसी, 2026) से वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रत्येक सामग्री वर्तमान नैदानिक दिशानिर्देशों और सहकर्मी-समीक्षित चिकित्सा प्रकाशनों पर आधारित है।.

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